Abraham Lincoln Biography in Hindi|अब्राहम लिंकन की जीवनी

Abraham Lincoln Biography in Hindi | अब्राहम लिंकन की जीवनी
Abraham Lincoln Biography in Hindi : Abraham Lincoln, america ke 16th rastrapati, ek mahan rashtrapati, deshpremi, har haal me himmat rakhe
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Abraham Lincoln Biography in Hindi : Abraham Lincoln ki jivani Hindi, america ke 16th rastrapati, deshpremi, har haal me himmat rakhe.

Abraham Lincoln Biography in Hindi

Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन , अमेरिका के सौलह्वे और सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति थे | अमेरिका में जितना दुसरे राष्ट्रपतियों का जिक्र नही किया जाता है उतना तो केवल अब्राहम लिंकन का किया जाता है | अब्राहम लिंकन ने देश की एकता के लिए जान दे दी थे जिनकी हत्या कर दी गयी थी | आज हम आपको उसी महान राष्ट्रपति की सम्पूर्ण जीवनी से रूबरू करवाते है |

अब्राहम लिंकन का प्रारम्भिक जीवन Early Life of Abraham Lincoln

Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 को केंटुकी के हार्डिन काउंटी में एक लकड़ी के बने घर में हुआ था | उनके पिता का नाम थोमस लिंकन और माता का नाम नैंसी लिंकन था | उनके वंशज इंग्लैंड से आये थे जो बाद में न्यू जर्सी , पेनिसिलवानिया और विर्जिनिया में आकर बस गये थे |Abraham Lincoln लिंकन के दादाजी का नाम बहे कैप्टेन अब्राहम लिंकन था जो 1780 में विर्जिनिया से केंटुकी आकर बस गये थे | कैप्टेन लिंकन की 1786 में एक भारतीय शिकारी गिरोह ने हत्या कर दी थी | अब कैप्टेन लिंकन के पुत्र थोमस ने भी अपने पिता हुए हमले को आँखों से देखा था | अब अनाथ थोमस ने अपना रास्ता खुद बनाया और अलग अलग जगह काम करकर अपना जीवनयापन करना शुरू किया |

थोमस लिंकन की बाद में नैंसी हंक्स से मुलाकात हुयी और उन दोनों ने 12 जून 1806 को शादी कर ली थी |  अब नैंसी ने तीन संतानों को जन्म दिया था जिसमे सबसे पहले सारा नामक पुत्री , उसके बाद अब्राहम और अंत में एक पुत्र हुआ था जिसके बचपन में ही मौत हो गयी थी | लिंकन कई खेतो पर काम करता था जिसमे में कुछ उसके खुद के थे और कुछ दुसरे लोगो के थे | जब अब्राहम का जन्म हुआ तो जमीन के विवाद के चलते लिंकन परिवार को वो शहर छोड़ना पड़ा था | 1811 में लिंकन परिवार नॉब क्रीक फार्म आ गये थे जहा पर उन्होंने 230 एकड़ जमीन बना ली थी | यहा पर भी उनके जमीनी विवाद के कारण परेशान होकर उनको इन्डियाना जाना पड़ा |

1816 में लिंकन परिवार इंडियाना की ओहिया नदी के किनारे बस गये जहा पर उन्होंने कभी खत्म ना होने वाले जंगल में खेती करना शुरू कर दिया | यहा पर उनके फार्म को आज भी एक स्मारक के रूप में सरंक्षित किया हुआ है | अपने घुमक्कड़ परिवार के कारण थोमस ने किसान और बढई दोनों के काम किये थे | अब थोमस ने कई दुसरे फार्म खरीद और टैक्स देना भी शुरू कर दिया ताकि कोई विवाद ना होवे | इंडियाना आने के एक साल के अंदर थोमस में इंडियाना में 160 एकड़ जमीन बना ली थी | लिंकन परिवार को इंडियाना रहते हुए काफी दिक्कते झेलनी पड़ी थी |

5 अक्टूबर 1818 को अब्राहम लिंकन Abraham Lincoln  की माँ नैंसी लिंकन की विषाक्त दूध की वजस से मौत हो गयी थी | अब घर की सारी जिम्मेदारी अब्राहम लिंकन की बड़ी बहन सारा पर आ गयी थी जो उस समय केवल 11 वर्ष की थी | अब उसे अपने पिता और नौ साल के अब्राहम को सम्भालना था | 1819 में अब्राहम लिंकन के पिता ने सारा सैली बुश नामक दुसरी महिला से शादी कर ली जो एक विधवा थी और उसके तीन बच्चे पहले से थे | अब्राहम अब अपनी सौतेली माँ से स्नेह करने लग गया था था जिसे वो अपनी सगी माँ की तरह मानता था | इसके बाद 1828 में अब्राहम के साथ ओर घटना हुयी जिसमे उसकी बहन की बच्चे को जन्म देते वक़्त मौत हो गयी थी |

Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन को बचपन से ही कड़ा परिश्रम करना पसंद नही था जिसके कारण  उसके परिवार के लोग और पडौसी उसे आलसी कहा करते थे | वो अपना अधिकतर समय किताबे ओढने और कविताये लिखने में बिताता था | उसकी प्रारंभिक शिक्षा किसी स्कूल के बजाय घुमन्तु शिक्षको से हुयी थी जिन्होंने लिंकन को कम समय में ही काफी पढ़ा दिया था | अब थोडा बड़ा होने पर लिंकन को रूढ़िवादी प्रथाओ के खिलाफ लड़ने का विचार आया था | अब धीरे धीरे परिवार की मदद के लिए उसने काम करना शुरू कर दिया था और अब्राहम कुल्हाडी चलाने में माहिर था | लिंकन को शुरू से गुलामो पर हो रहे अत्याचारों से सख्त नफरत थी और वो दास प्रथा को खत्म करना चाहता था |

Early career and militia service

Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन जब बड़े हुए तो वो कुछ ऐसा रोजगार करना चाहते थे जिससे कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा मिल सके | अब ऐसे ही रोजगार की खोज में लिंकन संगमो शहर आ गये | अब उस समय पढ़े लिखे लोगो के लिए कोई ऐसा रोजगार नही था जिससे अच्छी कमाई हो सके | इसलिए उसने बचपन में सीखे हुए काम का इस्तेमाल कर एक नाव बनाई और नौकावाहक बनकर माल ढोने का काम शुरू कर दिया | अब वो बड़े व्यापारियों का माल एक जगह से दुसरी जगह ले जाने का काम करने लगा था जिससे उसको अच्छा मुनाफा हो रहा था | एक दिन उसके नाव को लुटेरो ने घेर लिया | लुटेरो को तो लिंकन Abraham Lincoln ने अपनी बहादुरी से भगा दिया लेकिन एल लुटेरा लिंकन को घायल कर गया जो निशान उनकी आँख के नीचे हमेशा रहा था |

इसी प्रकार एक बार किसी व्यापारी का माल लिंकन जा रहे थे तब उनकी नाव एक जगह अटक गयी थी | उस समय Abraham Lincoln लिंकन की सहायता के लिए कोई नही आया तो लिंकन ने अकेले माल से भरी हुयी नाव को दम लगाकर पानी में धकेला जिसे देखकर लोग दंग रह गये | इस घटना को एक व्यापारी ने भी अपनी आँखों से देखा था तो वो लिंकन से बहूत प्रभावित हुआ और उसे अपने नये स्टोर में काम देने का वादा किया | उस व्यापारी ने अपना वादा पूरा करते हुए कुछ दिनों बाद एक नया स्टोर खोला जिसमे लिंकन को बतौर मेनेजर उसने नियुक्त किया | लिंकन अब मजदूर से एक स्टोर मेनेजर बन गये थे जो उनके जीवन की पहली सफलता थी |

एक बार Abraham Lincoln लिंकन ने अपने मालिक के कहने पर एक पहलवान से कुश्ती भी लड़ी थी लेकिन उसमे बहादुरी दिखाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था | एक बार रेड इंडियन्स ने इलिनायस पर हमला कर दिया था तो राज्य के गर्वनर में जवानो की भर्ती का आह्वान किया | अब्राहम लिंकन भी सेना में भर्ती हो गये और पढ़े लिखे होने के कारण उनको एक टुकड़ी का कप्तान बनाया गया | अब उन्होंने राज्य की ओर से युद्ध में भी हिस्सा लिया लेकिन पांच महीनों के बाद उन्होंने सेना से इस्तीफ़ा दे दिया | अब वो एक गाँव में पोस्टमास्टर बन गये जिसके कारण लोग उन्हें जानने लग गये थे और उनका सम्मान करने लगे थे |

अब Abraham Lincoln लिंकन ने स्थानीय लोगो की परेशानी को देखते हुए राजनीति में प्रवेश करने का विचार किया क्योंकि वो उस समय अमेरिका में चल रही दास प्रथा के विरोधी थी और वो किसी भी हालत पर दास प्रथा का अंत करना चाहते थे | इसी विचार के साथ राजनीति में प्रवेश करने के लिए उन्होंने विधायक का चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा  | चुनाव में हार के बावजूद उनका लोगो से जनसम्पर्क बढ़ गया था | चुनाव में हारने के कारण उनके पास पैसो की कमी आ गयी थी और उधर उन्होंने पोस्टमास्टर की नौकरी भी छोड़ दी थी | अब रोजगार के लिए उन्होंने एक विवादित स्टोर को कम पैसो में खरीद लिया और शराब बेचना शूरु कर दिया |

उस क्षेत्र में शराब का प्रचलन बहुत ज्यादा था जिसके कारण शराब बेचने का लाइसेंस लेकर लिंकन शराब के व्यापारी बन गये थे | Abraham Lincoln लिंकन शराब बेचते जरुर थे लेकिन उनको शराब पीने का शौक नही था | अब शराब का धंधा शुरू में तो अच्छा चला लेकिन बाद में दुसरे व्यापारियों की वजह से उनका धंधा ठप्प हो गया और उन्हें शराब की दूकान भी बंद करनी पड़ी |  अब लिंकन फिर बेरोजगार हो गये लेकिन अपने एक मित्र की मदद से ग्रामीण क्षेत्रो में सर्वेक्षण अधिकारी के रूप में नियुक्त हो गये | उनकी गणित अच्छी होने के कारण उन्हें ये काम मिला था जो उन्होंने बखूबी निभाया था |

Abraham Lincoln लिंकन वैसे तो महिलाओ से दूर ही रहते थे लेकिन 24 वर्ष की उम्र में उन्हें रूटलेज नामक लडकी से प्यार हो गया था लेकिन उनके जीवन में प्यार नही लिखा था | इसलिए कुछ दिनों बाद ही रूट लेज एक गम्भीर बीमारी के चलते इस दुनिया को अलविदा कह गयी | Abraham Lincoln लिंकन को अपनी प्रेमिका की मौत से गहरा सदमा पहुचा था और घंटो अपनी प्रेमिका की कब्र के पास बैठकर अपने प्यार की मौत में आसू बहाया करते थे | अब उनके एक मित्र बोलीन ग्रीन ने इस मुशिकल मौके पर उनको ढांढस बंधाया | धीरे धीरे लिंकन इस सदमे से बाहर आये और सर्वेक्षण अधिकारी के रूप में कम करते हुए काफी पैसा कमाया था |

अब्राहम लिंकन विधायक के रूप में और वकालत के दौरान

अब अपने दोस्तों की मदद से लिंकन फिर विधायक के चुनाव में कूदे और इस बार विजयी हुए | अब इलिनायस विधानसभा जीतने के बाद उनकी गिनती सबसे युवा विधायको में की जाने लगी | अब धीरे धीरे उन्होंने युवाओ को अपनी ओर आकर्षित किया और युवा विधायको के नेता बन गये | अब विधनासभा में वो खुलकर बोलते थे जिसके कारण विधनासभा में उनकी बातो को महत्व दिया जाने लगा था | उनके द्वारा स्प्रींगफिल्ड को नई राजधानी बनाने के मुद्दे पर सरकार को उनकी बात माननी पड़ी थी | अब Abraham Lincoln लिंकन नई राजधानी स्प्रींगफिल्ड चले गये और वहा पर एक स्टोर के मालिक के यहा किराये रहने लग गये |

अब Abraham Lincoln लिंकन को यहा पर वकालात करने का लाइसेंस मिल गया था और यहाँ पर उनकी मुलाकात म्श्हुत वकील स्टुवर्ट से हुयी थी | स्टुवर्ट के पास कानूनी किताबो की एल लाइब्रेरी थी जिससे अब्राह्मण लिंकन को वकालात करने में काफी आसानी रही थी | अब वकालात में उनका पेशा चल गया और कमाई होना शुरू हो गयी थी | दोनों साथ मिलकर वकालत करते थे और धन आधा आधा बाँट लेते थे | इसके बाद स्टुवर्ट भी राजनीति में आ गये थे | अब लिंकन को अकेले वकालात करनी पड़ी थी जिसमे वो सफल नही हुए थे क्योंकि वो फीस कम लेते थे और झूठे मुकदमे नही लड़ते थे और गरीबो के लिए निशुल्क मुकदमे लड़ते थे |

अब्राहम लिंकन का पारिवारिक जीवन

अब Abraham Lincoln लिंकन 30 वर्ष के हो गये थे लेकिन उन्होंने शादी नही की थी | अब अपने पहले प्यार की मौत होने के कारण उनका प्यार से विश्वास उठ गया था इसलिए उन्होंने शादी नही की थी | अब उनको ओवेन्स नामक युवती से प्यार हुआ था जो उनसे उम्र में बड़ी थी और लिंकन को समझती थी | अब ओवेन्स के परिवार के सदस्य तो लिंकन और ओवेन्स की शादी कराना चाहते थे लेकिन लिंकन के ढीले स्वाभाव के कारण बाद में ओवेन्स ने शादी से मना कर दिया और दुसरे लडके से शादी कर ली | लिंकन को दुसरी बार प्यार में निराशा हाथ लगी थी जिससे वो बहुत ज्यादा हताश हो गये थे |

वब कुछ दिनों बाद उनकी जिन्दगी में मेरी टॉड नानक युवती आयी जो एक बड़े घराने की युवती थी | उनके पिता का नाम रोबर्ट टॉड था जिनके परिवार के सदस्य उच्च पदों पर आसीन थे | अब अपने उच्च कुलीन परिवार के कारण उनके मन में भी अपने होने वाले पति के उच्च पद पर आसीन होने की कामना रखती थी | अब उसकी महत्वकंशा इतनी ज्यादा थी कि उसने ये घोषणा कर दी थी “मै उसी आदमी से विवाह करूंगी जो अमेरिका का राष्ट्रपति बने क्योंकि मै वाइट हाउस में रहना चाहती हु ” | उसके परिवार के लोग उसे सनकी माना करते थे जिसके कारण लोग उसका उपहास उड़ाया करते थे |

अब मेरी का रिश्ता उसके परिवार वालो ने एक धनी परिवार में कर दिया लेकिन मेरी वो रिश्ता ठुकराकर घर छोडकर अपनी बड़ी बहन के यहाँ स्प्रिंगफील्ड आ गयी | Abraham Lincoln लिंकन यहा पर पहले से ही विधानसभा सदस्य थे और मेरी टॉड के बहनोई भी विधानसभा सदस्य थे | इस तरह दोनों ही अच्छे दोस्त थे | अब मेरी की मुलाकात लिंकन और डगलस से हुयी जिसमे डगलस राजीनीति में माहिर इन्सान थे | मेरी को ऐसा लग रहा था कि डगलस राष्ट्रपति पद के लिए सही उम्मीदवार हो सकते है इसलिए उसने डगलस से विवाह करने का विचार बनाया | इसी दौरान एक दिन मेरी ने लिंकन का भाषण सुन लिया जिसमे उसको सच्चे इन्सान लगे थे | अब मेरी दो इंसानों में फसी हुयी थी और उसे फैसला करना था इसलिए उसने के पार्टी का आयोजन किया

इस पार्टी में मेरी ने लिंकन Abraham Lincoln को भी आमंत्रित किया | अब यहा पर उनके बीच बाते हुयी और दोनों ने एक दुसरे को जानना शुरू कर दिया | धीरे धीरे उन दोनों में प्रेम इतना बढ़ गया कि मेरी ने आख़िरकार लिंकन को अपना जीवनसाथी चुनने का विचार बना लिया | मेरी के परिवार के लोगो को ये रिश्ता पसंद नही आया लेकिन मेरी की जिद के आगे शादी की तारीख तय कर दीगयी | अब शादी को केवल 6 महीने थे और मेरी चाहती थी कि लिंकन सजधज कर रहे लेकिन लिंकन को साधारण रहना पसंद था | अब मेरी के इस व्यवहार से थोड़े परेशान थे लेकिन वो एकदम मना नही करना चाहते थे |

अब शादी का दिन आ गया था लेकिन लिंकन कही नजर नही आ रहे थे | रात भर लिंकन Abraham Lincoln को खोजा गया लेकिन लिंकन कही नजर नही आये | अगले दिन वो कार्यालय की सीढियों पर बैठे मिले जहा पर वो डिप्रेशन में चले गये थे | अब लिंकन के दोस्तों ने लिंकन को सम्भाला उधर मेरी भी शादी ना होने पाने के कारण बीमार हो गयी थी | अब धीरे धीरे समय बीतता गया और दोनों के स्वास्थ्य में सुधर होने लगा था | अब लिंकन के दोस्त की वजह से फिर वो दोनों शादी के लिए राजी हुए और 1842 में उन दोनों की सफलतापूर्वक शादी हो गयी | मेरी के उग्र स्वभाव के बाबजूद लिंकन उन्हें सहन करते थे | धीरे धीरे मेरी ने चार बच्चो को जन्म दिया |

Abraham Lincoln Biography in Hindi : मित्रो जल्द ही हम Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन के राजनितिक जीवन की कहानी आप तक लेकर आयेंगे

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