Use kachhi ghani oil in cooking : कच्ची घानी का तेल खायें !

Use kachhi ghani oil in cooking : कच्ची घानी का तेल खायें !
Use kachhi ghani oil in cooking : कच्ची घानी का तेल खायें !
Get Email of Our New Articles and Become Free Subscriber of DBInfoweb (90,000+ Joined Us):

Now days packed oil has many chemicals so please use kachhi ghani oil in your kitchen.

Use kachhi ghani oil in cooking :

आधुनिक विज्ञान ने हमें तेल के नाम पर विष खाने के लिए विवश कर दिया है। आज रिफाइंड तेल बनाने के नाम पर हमारे स्वास्थ्य के लिये लाभदायक महत्वपूर्ण घटक (गंध, चिपचिपापन) निकाल लिये जाते है। तेल की मूल गंध जो प्रोटीन होती है और चिपचिपापन जिसके कारण उसे तेल कहते हैं उसके निकलने के बाद वह तेल नहीं है तेल जैसा पदार्थ रह जाता है। रिफाइंड बनाने की इस प्रक्रिया में उसमें कर्इ हानिकारक रसायन ज़हर भी मिलाये जाते है। इसके साथ ही कानून की मदद से इसमें Palm oil मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा है। जब से हम रिफाइंड तेल खाने लगे हैं तब से रक्त चाप, कैंसर, ह्रदयघात जैसे रोगों में गुणात्मक वृद्धि हुर्इ है।
पहले तेल में गैसोलीन नामक केरोसिन फेमिली का रसायन मिलाकर उसे पतला किया जाता है फिर उसमें हेक्सेन मिलाकर खूब हिलाया जाता है और तेल में उपस्थित महत्वपूर्ण घटक Fatty Acid और विटामिन-र्इ तथा Minerals निकाल लिए जाते हैं जबकि हमारा शरीर इनको स्वयं नहीं बना पाता, इसी कारण ये तत्व हमें तेल से प्राप्त होते हैं। फिर इस तेल को 300 फैरेनहाइट पर उबाला जाता है ताकि गैसोलीन और हेक्सेन की दुर्गन्ध को दूर किया जा सके, तेल का मटमैला रंग निकालकर उसे ट्रांसपेरेन्ट बनाने के लिए ब्लीचिंग किया जाता है जिसके कारण वीटा केरोटिन और क्लोरोफिल खत्म हो जाता है,  ये तत्व हमारे शरीर में कोलेस्ट्राल घटाने का काम करते हैं। इसके बाद Degumming प्रक्रिया द्वारा तेल के महत्वपूर्ण घटकों Phosphalipiel तथा Lecithene को निकाल लिया जाता है जिससे तेल और अधिक पतला हो जाता है। फिर तेल से उसकी दुर्गन्ध निकालने के लिए तेल को 464 डिग्री फैरेनहाइट पर गर्म किया जाता है और सबसे अन्त में इस घटिया और तत्वहीन तेल को लम्बे समय तक टिकाये रखने के लिये उसमें प्रिजरवेटिव के रुप में Synthetic Anti Oxidants डाले जाते हैं। अब आप ही सोचिए कि हम तेल खा रहे हैं या विष ?

खाने के लिए घानी का तेल ही सबसे अच्छा होता है क्योंकि इसमें तेल को पेरते समय उसका तापमान 20 – 25 अंश सेन्टीग्रेट से ऊपर नहीं जाता जिससे उस तेल के तत्व नष्ट नहीं होते। जबकि रिफाइंड तेल को बनाने में उच्च तापमान का उपयोग किया जाता है और एक बार उच्च तापमान पर बना तेल दोबारा खाने योग्य नहीं होता । इसलिये खाने के लिये घानी का तेल ही सर्वोत्तम है अतः आप अपने-अपने क्षेत्र में घानी लगायें और घानी का तेल ही खायें ।

Reference:

  • Shree Rajeev Dixit Vyakhan – Use kachhi ghani oil in cooking : कच्ची घानी का तेल खायें !

निवेदन :

  • कृपया अपने Comments से बताएं आपको यह Post कैसी लगी.
  • यदि आपके पास Hindi में कोई Inspirational Story, Important Article या अन्य जानकारी हो तो आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं. कृपया अपनी फोटो के साथ हमारी e mail ID : info@dbinfoweb.com पर भेजें. आपका Article चयनित होने पर आपकी फोटो के साथ यहाँ प्रकाशित किया जायेगा.

Sponsored By:  MyTechnode.Com: Hacking, Programming, Blogging and Technical Tricks.

 

निवेदन :
  • कृपया अपने Comments से बताएं आपको यह Post कैसी लगी.
  • यदि आपके पास Hindi में कोई Inspirational Story, Important Article या अन्य जानकारी हो तो आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं. कृपया अपनी फोटो के साथ हमारी e mail ID : info@dbinfoweb.com पर भेजें. आपका Article चयनित होने पर आपकी फोटो के साथ यहाँ प्रकाशित किया जायेगा.
Get Email of Our New Articles

About Shilpa Thakare 198 Articles
I am Shilpa Thakare. Professional & Motivational Blogger @ DBInfoweb. Always think Positive, Do Positive than Sky is not Your Limit. My Dream Is write inspirational Hindi , Hindi Quotes, Motivational stories and motivate people to make their happy Successful life...

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*